भारत महान देश क्यों है ?

दोस्तों लोग आपको अक्सर कर ये कहते मिल जायेंगे की पश्चमी चीजे और सभ्यता पूरी दुनिया में फेल रही है , लेकिन एक समय ऐसा भी था जब भारत विश्व गुरु हुआ करता था |

और भारत का दुनिया पर उतना ही प्रभाव था जितना की आज अमेरिका का है ,आज जहा भारत एक विकासशीलदेश है वही प्राचीन समय में भारत दुनिया का सबसे सम्पन देश हुआ करता था |

भले ही आज के समय में हो रही अविष्कारों में पश्चमी देश आगे हो ,लेकिन प्राचीन समय से ही भारत का मानवता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है |

तो दोस्तों आज के इस एपिसोड में हम भारत के कुछ ऐसे अविष्कारों के बारे में बतायेंगे जो भारत ने पूरी दुनिया को दिए –

:-० बिना ० के न गणित का विकास होता और न ही मानव सभ्यता का ,सबसे पहले भारत में ही ० का एअर्थ्मेटिक इस्तेमाल हुआ था |अगर ० न होता तो कंप्यूटर की लैंग्वेज का आविष्कार न होता ,और न ही अभी आप ये विडियो देख रहे होते |

:- तक्षशिला प्राचीन भारत में गंधार देश की राजधानी और शिक्षा का प्रमुख केंद्र था ,ये दुनिया का पहला शिक्षा केंद्र था जिसकी स्थापना ७०० वर्ष ईसा पूर्व में की गयी थी |

भारतीय इतिहास में तक्षशिला विधा और के शिक्षा के महान केंद्र के रूप में प्रसिद था ,यहाँ पर ३०० लेक्चेर हाल और प्रयोशाला , लायब्ररी और शोध के लिए सारी व्यवस्थाये थी |

चीनी ट्रेवलर हुसंग बताते है की ,इस विश्वविद्यालयमें १०००० से ज्यादा स्टुडेंट थे,और २०० से ज्यादा टीचर थे प्राचीन भारत के महान लोग जेसे की चाणक्य – चरक और संस्क्रत भाषा के नियम लिखने वाले पाणिनि ने भी यही से पढाई की थी |

:-आयुर्वेर्द आज पूरी दुनिया में उपयोग किया जा रहा है ,प्राचीन काल में ऋषि मुनि जंगलो में जड़ी बूटियों से रोग्नास्क दवाईया तेयार करते थे |बाद में आयुर्वेदिक विधा भारत से होते हुए चीन गयी और वहा भी ओषधिया बनाई गयी,जहा अलोपथिक दवाइयों के कई साईंड इफ़ेक्ट होते है वही आयुर्वेद के कोई बुरे असर नही होते |

:-सर्जनी-सर्जनी और मोतियाबिंद जेसी प्लास्टिक विधिया प्राचीन काल में भारत में की जा चूकी है ,भारत में सुश्रुत को पहला सेन्ये चिकत्सक माना जाता है |प्रसव, मोतियाबिंद, क्रत्रिम अंग लगाना और पथरी का इलाज करने में सुश्रुत को महारथ हासिल था , सभी सर्जनी के लिए उनके पास कई उन्त्र यंत्र थे |

:-चेस – ऐसा माना जाता था की चेस का आविष्कार २८० से ५० के बीच एडी में पूर्वी भारत में हुआ था ,इसकी खोज भारत के सबसे महान सम्राज्य गुप्ता सम्राज्य में हुई थी |

उस समय इसे चित्रंग के नाम से जाना जाता था ,ये खेल भारत से अर्ब होते हुए पूर्वी यूरोप में फ़ेल गया था |
अच्छे काम करके अच्छा भाग्य पाना ये सीढ़िया दर्शाती है ,और बुरे काम करके बुरा भाग्य पाना साँप दर्शाते है |ब्रिटिस काल में ये खेल भारत से होते हुए ब्रिटेन की राजधानी अमेरिका पहुच गया ,और वहा स्नेक एंड लेदर के नाम से प्रचलित हुआ |

:- बुदेस्म और जैन धर्म -बुदेस्म और जैन धर्म दुनिया के सबसे शांतिप्रिय धर्मो में से एक है ,बुदेस्म और जैनिज़्म दोनों की उत्पति भी भारत में ही हुई थी |जहा जैन धर्म भारत तक ही सिमटकर रह गया वही बोद्ध धर्म पूरी दुनिया में फेल गया ,

:- गुरुत्वाक्र्ष्ण – दुनिया ये मानती है की ग्रेविटी की खोज न्यूटन ने की थी ,लेकिन सच तो ये है को प्राचीन भारत के सुप्रशिद गणितग्य व् ख्गोल्सास्त्री भास्कर ने ग्रेविटी की खोज करके इस पर एक ग्रन्थ लिखा था |जिसका नाम था सिदान्त शेरोम्नी ,

:- चीनी – चीनी या नि के शक्कर के दाने का आविष्कार भी भारत ने ही किया था ,गन्ने से चीनी बनाने की प्रकिर्या का आविष्कार प्राचीन भारत के गुप्ता साम्राज्य में हुआ था |

इस सारी प्रकिर्या को सीखकर बेहद सारे बोद्ध भिक्षु चीन गये ,और वहा के लोगो को सिखाया ,चाइना ग्रंथो में भी इस बात का उल्लेख है की चीन से भारत दो मिशन आये थे केवल यह सिखने के लिए की , की गन्ने से चीनी केसे बनाई जा सकती है |

:-बटन – शर्ट की बटन का आविष्कार भी सबसे पहले भारत में हुआ था ,कहा जाता है की इसका सबसे पहला प्रमाण मोहनजोदाड़ो की खुदाई में प्राप्त हुआ |जिसमे साफ़ हुआ की शिन्धु नदी के पास आज से ढाई हजार से तीन साल पहले बटन अपने अस्तिव्त में थे ,उस समय समुन्द्र की शिपि से इन्हें बनाया जाता था , और मेकअप में इनका बेहद इस्तेमाल किया जाता था |

:-शेम्पू – शेम्पू शब्द हिंदी के शब्द शम्पू से बनाया गया ,शेम्पू का आविष्कार मुगल साम्राज्य के पूर्वी हिस्से में हुआ था |इसके बाद बंगाल के एक बिजनेसमैन ने पैक करके ब्रिटेन में बेचना शुरु कर दिया ,प्राचीन भारत में एक खेल खेला जाता था जिसका नाम था , मुक्ष्प्त जिसे आज के समय में हम साँप सीढि के नाम से जानते है |प्राचीन भारत में ये खेल मोरेलिटी या नेतिकता पर आधारित था ,

:- यु.एस.बी.पेन्ड्राइव- भारत के रहने वाले अजय भट ने ही यु.एस.बी डिवाइस बनाई है ,उन्हें नही पता था की उनकी ये डीवाईस आगे चलकर जरूरी उपकरण के रूप में सामने आएगी |

:- पेंडीएम- आज कंप्यूटर की महत्वपूर्ण चीज के रूप में गिनी जाने वाली पेंटी एम् चिप का आविष्कार भी एक भारतीय ने किया था ,उनका नाम था विनोद धाम |

दोस्तों भारत के द्वारा की अनगिनत खोजो में से ये तो कुछ ही खोजे है ,अगर आप चाहते है की हम इस सिरिस का दूसरा एपिसोड बनाये तो इस विडियो पर ५००० से जाया लाइक बनाये|

यहाँ देखे विडियो :

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